इस झील के पानी का रंग बदल जाता है खुद ब खुद, कहते हैं भविष्‍य में अच्छी या बुरी घटना का है संकेत

इस झील के पानी का रंग बदल जाता है खुद ब खुद, कहते हैं भविष्‍य में अच्छी या बुरी घटना का है संकेत: खुर्पाताल नैनीताल से 12 किमी की दूरी पर स्थित है। यह झील साल में कई बार अपना रंग बदलती है। बहुत से लोग कहते हैं कि झील का रंग बदलना भविष्य में अच्छा या बुरा होने का संकेत है।

भारत विविधताओं का देश है और यहां कई झीलें भी हैं। कुछ शहरों को झीलों का शहर भी कहा जाता है। नैनीताल उनमें से एक है। बाजपुर-कलाडगुंगी मार्ग पर स्थित यह उत्तराखंड की एक खूबसूरत झील है। वैसे तो भीमताल, सातताल, नौकुचियाताल, कमल ताल, गरुड़ ताल सहित कई अन्य झीलें हैं, लेकिन यहां से 12 किमी दूर एक झील है, जिसे देखकर लोग हैरान रह जाते हैं। इस झील का नाम खुर्पाताल है। कहा जाता है कि झील के पानी का रंग अपने आप बदल जाता है। यह झील अपना रंग बदलने के लिए लोगों के बीच मशहूर है। इसे रहस्यमयी झील भी कहा जाता है। तो आइए जानते हैं क्या है इस झील के पानी का रंग बदलने का राज।

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खुर्पाताल पर्यटन स्‍थल –

1635 मीटर की ऊंचाई पर स्थित खुर्पाताल नैनीताल के पास सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है। खुर्पाताल झील भी एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। समुद्र तल से 1000 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर यह झील पहाड़ों और घने देवदार के पेड़ों से घिरी हुई है। इसके अलावा ऊंचे-ऊंचे चीड़ के पेड़ खुरपा ताल की खूबसूरती को और भी लुभावना बना देते हैं, लेकिन अगर मौसम साफ न हो तो खुर्पाताल को सिर्फ कल्पना में ही देखा जा सकता है।

झील अपने क्रिस्टल साफ पानी के लिए जानी जाती है

यह रहस्यमयी झील अपनी सुखद जलवायु और क्रिस्टल साफ पानी के लिए जानी जाती है। झील उन लोगों के लिए सबसे अच्छा पर्यटन स्थल है जो नैनीताल की हलचल से दूर रहना चाहते हैं और प्रकृति के बीच कुछ शांत पल बिताना चाहते हैं।

झील के पानी का रंग बताता है भविष्य –

स्थानीय लोगों के अनुसार झील के पानी का रंग कभी लाल, कभी नीला तो कभी हरा होता है। लोगों का मानना ​​है कि झील का बदलता रंग भविष्य का संकेत देता है। उदाहरण के लिए हल्का लाल रंग किसी विपदा के आने का संकेत है। इसी तरह मार्च में इसका रंग धान हो जाता है, जो समृद्धि का प्रतीक है। वहीं यहां मार्च-अप्रैल में चीड़ के फूल गिरते हैं, जिससे झील का रंग थोड़ा बदल जाता है। कभी-कभी पेड़ों की छाया से भी झील का रंग हरा हो जाता है।

ये है झील का रंग बदलने का कारण-

यहां रहने वाले लोगों का मानना ​​है कि झील के अंदर 40 से अधिक प्रकार के शैवाल या शैवाल प्रजातियां मौजूद हैं। जब शैवाल बीज छोड़ देते हैं, तब सूर्य की किरणों के कारण उसमें अलग-अलग रंग दिखाई देते हैं।

झील मछली का घर है

आप यहां बहुत सारी मछलियां देख सकते हैं। यह झील मछली की कई प्रजातियों को प्राकृतिक आवास प्रदान करती है। यहां तक ​​कि यह जगह मछली पकड़ने के लिए भी परफेक्ट है।

खुरपतली घूमने का सबसे अच्छा समय

वैसे तो आप साल के किसी भी समय खुर्पाताल जा सकते हैं, लेकिन फिर भी अक्टूबर से मई के बीच जाना बेहतर है। आपको बता दें कि सर्दियों में बर्फबारी के कारण यहां का तापमान बहुत कम हो जाता है और बरसात के दिनों में भारी बारिश के कारण यहां यात्रा करना मुश्किल हो जाता है।

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यहाँ पांडवों ने सीखा तीरंदाजी –

द्रोण सागर यहां से लगभग 8 किमी की दूरी पर स्थित है, कहा जाता है कि यहां गुरु द्रोणाचार्य ने पांडवों को धनुर्विद्या का ज्ञान दिया था और प्रतीक के रूप में यहां गुरु द्रोण की प्रतिमा भी स्थापित की गई थी।

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